लोक प्रशासन का महत्व

Importance of Public Administration

Hello दोस्तों ज्ञान उदय में आपका एक बार फिर स्वागत है और आज हम बात करते हैं, राजनीति विज्ञान के अंतर्गत लोक प्रशासन के महत्व (Importance of Public Administration) के बारे में । इस Post में हम जानेंगे लोक प्रशासन की भूमिका और महत्व क्या होते हैं ? तो चलिए शुरू करते हैं आसान भाषा में ।

लोक प्रशासन का परिचय

प्रशासन यानी Administration इसको सामान्य तौर पर दो भागों में बांटा जा सकता है, लोक प्रशासन और निजी प्रशासन । सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रशासकीय कार्य, लोक प्रशासन के अंतर्गत आते हैं ।

लोक प्रशासन का महत्व

आधुनिक काल में राज्य का कार्य क्षेत्र बहुत व्यापक तथा विस्तृत हो गया है । जिसके कारण लोक प्रशासन की भूमिका और महत्व भी बहुत बढ़ गए हैं । लोक कल्याणकारी राज्य के उदय और विकास के कारण राज्य के कार्य क्षेत्र, जो कि आरंभ में कानून और व्यवस्था तक ही सीमित थे । वर्तमान में अब इसका क्षेत्र व्यापक और विस्तृत हो गया है ।

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विस्तार से समझें तो लोक प्रशासन आधुनिक राज्य का अनिवार्य तत्व है और इसका महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है । अगर बात की जाए पिछली शताब्दी की तो राज्य का कार्य क्षेत्र का स्वरूप पुलिस राज्य का माना जाता था । परंतु वर्तमान में देखें तो पुलिस राज्य का स्थान अब जनकल्याणकारी राज्य ने ले लिया है । राज्य के बढ़ते इन दायित्व और गतिविधियों के कारण लोक प्रशासन का महत्व और भी बढ़ता जा रहा है ।

आज के समय में आधुनिक राज्य एक Administrative State या प्रशासकीय राज्य हो गया है, जिसमें व्यक्ति के जीवन के सभी छोटे बड़े पक्ष लोक प्रशासन से संबंधित हो गए हैं । लोक प्रशासन का महत्व जन्म से पहले वह मृत्यु के बाद भी माना जाता है ।

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इसके अंतर्गत नीतियों के कार्य को कराने का दायित्व लोक प्रशासन पर है और किसी भी नीति की सफलता उसके उचित तथा कुशल क्रियान्वयन तथा लागू करने पर निर्भर होती है । इसे ही कुशल प्रशासक कहा जाता है ।

लोक प्रशासन के महत्व पर विचारकों के मत

आइए अब जानते हैं, लोक प्रशासन के महत्व पर कुछ महत्वपूर्ण विचारको ने कुछ महत्वपूर्ण विचारों को बताया है । इसके अंतर्गत प्रोफेसर डनहम के अनुसार ।

“यदि हमारे सभ्यता का पतन होता है, तो ऐसा मुख्यता प्रशासन की असफलता के कारण ही होगा ।”

राज्य का सुचारू रूप से संचालन, सफल लोक प्रशासन पर ही निर्भर करता है । इस कारण वर्तमान युग को प्रशासकीय या प्रशासनिक राज्य का युग कहा जाता है ।

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इसी प्रकार दूसरे विचारक डिमॉक के अनुसार

“प्रशासन प्रत्येक नागरिक के लिए महत्व का विषय है, क्योंकि जो सेवाएं उसे मिलती हैं या जो वह कर रहा है और जिन स्वतंत्रताओं का वह उपभोग करता है, प्रशासन के सफल और असफल कार्यक्रम पर निर्भर करता है ।”

चाहे कोई देश विकसित हो या विकासशील, लोकतंत्र हो या साम्यवादी, उसका भविष्य और सफलता इस बात पर निर्भर करता है कि वहां का लोक प्रशासन साक्षम, कुशल तथा दूरदर्शी है या नहीं ।

इन सबके अलावा लोक प्रशासन वर्तमान में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक सुधार का जरिया बना हुआ है । वर्तमान में यह जिम्मेदारी लोक प्रशासन पर ही है । इस कारण राज्य की समस्त क्रियाकलापों की सफलता प्रशासन पर ही निर्भर करती है ।

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इसके महत्व को जवाहर लाल नेहरू ने इस तरह स्पष्ट किया है ।

“लोक प्रशासन सभ्य जीवन का रक्षक मात्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय तथा सामाजिक परिवर्तन का एक महान साधन भी है ।”

लोक प्रशासन के महत्व को ब्लैडर ने अपने शब्दों में कहा है ।

“हम चाहे या ना चाहे, आधुनिक युग में लोक प्रशासन हमारे लिए नितांत आवश्यक हो गया है । यह सभी लोगों के उत्तम जीवन के लिए भी जरूरी है और लोक प्रशासन का महत्व और भूमिका इसके अर्थ में निहित है ।”

जनता की सेवा करना यह उनकी देखभाल करना और यही इसका अर्थ रहने देना चाहिए तथा सर्वाधिक ध्यान भी इसी विषय पर होना चाहिए ।

लोक प्रशासन की भूमिका बढ़ने के कारण

निम्नलिखित तथ्यों के कारण भी लोग प्रशासन के महत्व में दिन प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है ।

  1. लोकतंत्र के कारण क्योंकि इसमें उत्तरदायित्व का तत्व विद्यमान है ।
  2. लोक कल्याणकारी राज्य के तौर पर इसमें व्यापक कार्य क्षेत्र को शामिल किया जाता है ।
  3. औद्योगिकीकरण के कारण इसके अंतर्गत प्रबंध तथा नियमन की सुविधा उपलब्ध होती है ।
  4. आर्थिक नियोजन के कारण इसमें संसाधनों का समायोजन आता है ।
  5. बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कारण जिसके अंतर्गत वैश्विक स्तर पर अंतर संबंध स्थापित होते हैं ।

इस प्रकार से प्रशासन शब्द समाज की प्रथम आवश्यकता है । इसलिए समाज में व्यवस्था, स्थिरता बनाए रखने में कुशल तथा दक्ष प्रशासन अत्यंत जरूरी है । कुशल प्रशासन के आभाव के अंतर्गत सरकार का कार्य कर पाना कठिन हो जाता है ।

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अगर बात की जाए वर्तमान परिस्थितियों के बारे में तो लोक प्रशासन तथा व्यवसायकिय, वाणिज्य, प्रशासन के कारण दोनों में अंतरसंबंध तथा परस्पर क्रियाएं होती हैं ।

कार्यालय में प्रबंध, आर्थिक तथा औद्योगिक संस्थाओं के क्षेत्र में लोक प्रशासन तथा निजी प्रशासन में काफी हद तक समानताएं मिलती हैं ।

तो दोस्तों ये था प्रशासन की भूमिका व उसका महत्व । अगर आपको Post अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ ज़रूर Share करें । तब तक के लिए धन्यवाद !!

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